सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में निर्माण सुरक्षा को प्राथमिकता आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों द्वारा एमपीईबी के अभियंताओं को विद्युत सुरक्षा प्रशिक्षण
उज्जैन, 23 सितंबर 2026। सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से अभियंताओं की क्षमता संवर्धन के लिए निरंतर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के निर्देशानुसार आज एमपीईबी, उज्जैन के अभियंताओं के लिए विद्युत सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर प्रो. अल्बर्ट थॉमस एवं प्रो. वरुण कुमार रेजा द्वारा विद्युत कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा सावधानियों, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन तथा श्रमिकों की सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को साइट पर कार्य करते समय विद्युत उपकरणों एवं प्रणालियों के सुरक्षित संचालन, संभावित जोखिमों की पहचान, आवश्यक सुरक्षा उपायों तथा श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य अभियंताओं को अपने-अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सक्षम बनाना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां बैच है।
सिंहस्थ 2028 के व्यापक स्तर पर किए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए इस प्रकार के प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AI का भी कैसे उपयोग किया जाय वो बताया गया आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से अभियंताओं की कैपेसिटी बिल्डिंग एवं तकनीकी दक्षता संवर्धन की यह प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी निर्माण कार्यों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों का सुरक्षित, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

