मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिवपुरी जिले के ग्राम सहरेया की निवासी श्रीमती राजकुमारी पाल की जीवन यात्रा इसका जीवंत और प्रेरणादायक उदाहरण है। आजीविका मिशन से जुड़कर आसान किश्तों पर मिले ऋण की मदद से राजकुमारी ने न केवल एक के बाद एक कई स्वरोजगार स्थापित किए, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक मजबूती देकर गाँव की अन्य महिलाओं के लिए भी स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया।

ग्राम सहरेया की निवासी श्रीमती राजकुमारी पाल एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शिक्षा में स्नातक होने के बावजूद शुरुआत में रोजगार के अवसर और पूँजी के अभाव के कारण उन्हें पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित वित्तीय साधनों के कारण वे अपने ज्ञान और क्षमताओं का पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रही थीं और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किसी ठोस अवसर की तलाश में थीं।

राजकुमारी पाल के जीवन में बदलाव का नया अध्याय तब शुरू हुआ, जब वे मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित श्री कुंजै बाबा स्वसहायता समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय अनुशासन और आसान किश्तों पर बैंक ऋण प्राप्त करने का सुगम अवसर मिला। सबसे पहले उन्होंने समूह के ज़रिए 50 हजार रुपये का ऋण लिया और उससे बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया। अपनी लगन और मेहनत से प्राप्त आय के ज़रिए उन्होंने यह ऋण समय पर चुकता कर दिया, जिससे उनका विश्वास और बैंक का भरोसा दोनों मजबूत हुए।

ऋण का क्रमबद्ध उपयोग और व्यवसाय का बहुआयामी विस्तार पहले ऋण का सफलतापूर्वक भुगतान करने के बाद राजकुमारी पाल ने 1 लाख रुपये का दूसरा लोन लिया, जिससे उन्होंने भैंस खरीदकर दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन व्यवसाय प्रारंभ किया। इससे उनके परिवार के पास आय के दो अलग-अलग साधन उपलब्ध हो गए। व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पुनः 1 लाख का ऋण प्राप्त कर एक ऑटो खरीदा, जिससे परिवहन आय भी शुरू हुई। हाल ही में उन्होंने 1 लाख रुपये का पुनः ऋण लेकर गाँव में ही एक स्टेशनरी दुकान खोली है, जो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इस तरह क्रमबद्ध वित्तीय सहयोग से उन्होंने बहुआयामी स्वरोजगार खड़े कर लिए।

शिक्षा का प्रकाश और सामाजिक बदलाव; नवोदय विद्यालय में चयन राजकुमारी पाल स्वयं शिक्षित (स्नातक) हैं, इसलिए वे केवल अपने व्यवसाय तक सीमित नहीं रहीं। वे गाँव के बच्चों को पढ़ाती भी हैं। उनकी लगन और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि उनके द्वारा पढ़ाए गए कई बच्चों का चयन प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय में हो चुका है। ग्रामीण महिलाओं के लिए वे एक ऐसी रोल मॉडल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि आजीविका मिशन की योजनाएं महिलाओं को घर से बाहर निकलकर अपनी अलग पहचान बनाने और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करती हैं।

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं आजीविका मिशन का जताया आभार अपनी इस सफलता, स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन पर श्रीमती राजकुमारी पाल खुशी व्यक्त करते हुए कहती हैं कि आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने वाली इन जनकल्याणकारी योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी तथा मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।