जिला प्रशासन एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को शिवपुरी की पुरानी अनाज मंडी प्रांगण में साप्ताहिक जैविक एवं प्राकृतिक हाट बाजार का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिवपुरी नगर के नागरिकों ने जैविक एवं प्राकृतिक पद्धति से उगाए गए रसायन-मुक्त उत्पादों की जमकर खरीदारी की। आयोजन के दौरान उप संचालक कृषि सह परियोजना संचालक (आत्मा) श्री मुनेश कुमार शाक्य ने स्वयं बाजार पहुँचकर प्राकृतिक व जैविक सब्जियों की खरीदी की तथा बाजार का अवलोकन कर उपस्थित कृषकों का उत्साहवर्धन किया।

प्रति रविवार लग रही दुकानें; किसानों को मिला अपने उत्पाद बेचने का सुलभ मंच जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल पर शिवपुरी जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा स्टॉल एवं दुकानें लगाई जा रही हैं। यहाँ किसान अपने खेतों में बिना रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के तैयार की गई ताजी सब्जियाँ, फल एवं अन्य प्राकृतिक कृषि उत्पाद विक्रय हेतु उपलब्ध करा रहे हैं।

उप संचालक कृषि श्री मुनेश कुमार शाक्य ने किसानों को शासन की इस योजना एवं पहल के बहुआयामी फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हाट बाजार में जिले भर के जैविक व प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है।

जैविक खेती प्रोत्साहन एवं जागरूकता पर दिया गया जोर हाट बाजार के दौरान कृषि विभाग के उपसंचालक श्री मुनेश कुमार शाक्य एवं आत्मा योजना के अधिकारियों द्वारा मंडी परिसर में उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। सहायक तकनीकी प्रबंधक (आत्मा) श्री राहुल मौर्य ने बताया कि जैविक हाट बाजार लगने से जिले के किसानों को अपने जैविक उत्पादों के विक्रय हेतु जिला प्रशासन व कृषि विभाग के माध्यम से एक सुलभ और स्थायी बाजार मंच उपलब्ध हुआ है। बिचौलियों के बिना सीधे उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचने से किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित इस अवसर पर विकासखंड शिवपुरी के नोडल अधिकारी (प्राकृतिक खेती) श्री रघुवीर सिंह यादव, बीटीएम श्री पूरन सिंह चौहान, एटीएम श्री सालिकराम धाकड़, मृदा प्रयोगशाला प्रभारी श्री योगेंद्र शर्मा सहित श्आत्माश् योजना तथा कृषि विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।