आधुनिक कृषि तकनीक और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर नीमच विकासखंड के ग्राम विशन्या निवासी युवा किसान श्री राहुल पिता श्री ओमप्रकाश राठौर ने अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय लगभग दोगुनी हो गई है। शासकीय योजना से मिली नई राह
राहुल पहले पारंपरिक पद्धति से खेती करते थे। मेहनत के बावजूद उनकी वार्षिक आय लगभग 60 से 70 हजार रुपये ही थी। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से उन्हें मल्चिंग एवं पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इससे उन्होंने खेत में ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग की सुविधा स्थापित कर जी-4 किस्म की मिर्च की खेती शुरू की।
ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत हुई और पौधों की जड़ों तक आवश्यकतानुसार पानी पहुंचने लगा। वहीं, मल्चिंग से खरपतवार नियंत्रण में मदद मिली। इससे खेती का काम आसान हुआ और फसल उत्पादन में सुधार आया।
राहुल बताते हैं कि ड्रिप और मल्चिंग की सुविधा से खेती आसान हो गई है। अब कम मेहनत में बेहतर फसल मिल रही है।
60-70 हजार से बढ़कर 1-1.5 लाख रुपये हुई आय
तकनीक अपनाने का सीधा असर राहुल की आमदनी पर पड़ा। पहले जहां उनकी वार्षिक आय 60 से 70 हजार रुपये थी, वहीं अब बढ़कर 1 से 1.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च भी बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं।
राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय शासकीय योजनाओं और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।



