कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को एफएलएन जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण की गुणवत्ता तथा प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि एफएलएन शिक्षण की गुणवत्ता एवं कक्षा में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आधारित शिक्षण तथा प्रभावी शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण का प्रभाव कक्षा शिक्षण में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में शिक्षक एफएलएन के अनुरूप शिक्षण करते हुए नहीं पाए जाते हैं, वहां संबंधित शैक्षणिक समन्वयक एवं प्रधानाध्यापक की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियों की नियमित निगरानी एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। बैठक में विकासखंड अकादमिक समन्वयकों एवं विकासखंड शैक्षणिक समन्वयकों के साथ कम प्रदर्शन करने वाले संकुल शैक्षणिक समन्वयकों को विशेष रूप से बुलाकर उनके कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां नियमित अनुश्रवण, सतत निगरानी एवं आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने एफएलएन प्रगति अनुश्रवण प्रणाली में सही एवं वास्तविक जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगति विवरण में आवश्यक सुधार समय पर किया जाए तथा किसी भी प्रकार की गलत अथवा अपूर्ण जानकारी दर्ज न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रगति अनुश्रवण प्रणाली में दर्ज जानकारी की शुद्धता एवं वास्तविकता सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने एवं बुनियादी गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित निगरानी तथा वास्तविक प्रगति के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


