कौशल और तकनीकी ज्ञान किसी भी युवा के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया है इन्दरगढ़ के कुलदीप कुशवाहा ने। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) इन्दरगढ़ से मिला प्रशिक्षण आज कुलदीप के लिए आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का आधार बन चुका है। कुलदीप कुशवाहा ने शासकीय आईटीआई इन्दरगढ़ से क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम के अंतर्गत प्लम्बर ट्रेड में एक वर्ष का नियमित व व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
आईटीआई में बिताए समय के दौरान उन्होंने न केवल प्लम्बर ट्रेड की बारीकियों और तकनीकी ज्ञान को समझा, बल्कि प्रायोगिक कौशल में भी दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण पूरा होते ही कुलदीप की मेहनत रंग लाई और उनका चयन भारतीय रेलवे में तकनीशियन (त्ंपसूंल ज्मबीदपबपंद) के महत्वपूर्ण पद पर हो गया। वर्तमान में कुलदीप को रेलवे में सेवाएं देते हुए प्रतिमाह लगभग 50,000 हजार की सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है।
कुलदीप बताते हैं कि कार्यस्थल पर उन्हें नई तकनीकों को सीखने और अपने अनुभव को निरंतर समृद्ध करने का बेहतरीन वातावरण मिल रहा है। वे कहते हैं, आईटीआई का प्रशिक्षण मेरे जीवन में रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह में सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। शासकीय आईटीआई इन्दरगढ़ के सभी अधिकारियों और प्रशिक्षकों के उचित मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था।
युवाओं के कौशल विकास के लिए संचालित योजनाओं हेतु मैं माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। अपनी सफलता से उत्साहित कुलदीप क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरित करते हुए कहते हैं कि हुनरमंद बनकर ही भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। आईटीआई से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करें, कौशल अर्जित करें और अपने सुनहरे भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें।
सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया


